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उत्तराखंड में कृषि के प्रकार एवं भूमि उपयोग Notes

    उत्तराखंड में कृषि के प्रकार एवं भूमि उपयोग कृषि के प्रमुख प्रकार समोच्च खेती ( Contour Farming): इसे कण्टूर फार्मिंग भी कहते हैं , यह कम नमी वाली भूमि पर की जाती है। सीढीदार खेती: अधिक ढालू भूमि पर आढ़ी जुताई करके की जाती है। पर्वतीय क्षेत्रों में 15% तक ढाल वाली भूमि को खेती योग्य बनाया जा सकता है। झूमिंग खेती (स्थानान्तरीय कृषि): वनों को साफ कर कृषि भूमि बनाना और उर्वरता रहने तक खेती करना। यह भारत के पूर्वोत्तर और उत्तराखंड की कुछ जनजातियों में प्रचलित है। भूमि उपयोग सांख्यिकी (जनपद वार) विवरण सर्वाधिक ( Max) सबसे कम ( Min) शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल ऊधम सिंह नगर चम्पावत ऊसर (बंजर) भूमि चमोली नैनीताल परती भूमि ( Fallow Land) पौड़ी रुद्रप्रयाग चारागाह भूमि चमोली - पशुपालन एवं कृषि विकास योजनाएं प्रमुख संस्थान एवं स्थापना उत्तराखंड स्टेट सीड सर्टिफिकेशन अभिकरण: 14 मार्...

शरीर के अंगों के अनुसार उत्तराखंड के प्रमुख आभूषण

शरीर के अंगों के अनुसार उत्तराखंड के प्रमुख आभूषण क) सिर व माथे के आभूषण शिशफूल, मांगटीका, सुहाग बिंदी, बेनीफूल, बांधी। बांधी: बिंदी से बड़े आकार का आभूषण (माथे पर धारण); मान्यतानुसार इसमें मुगलकालीन चित्रशैली का अंकन मिलता है। भोटिया जनजाति विशेष (माथे/सिर): बीराबाली, छाकबाली, पतेली बाली। ख) कान के आभूषण मूर्खली (मुर्खी / मुदुर / मुनार / मर्खिया): जौनसार व अन्य क्षेत्रों में प्रचलित। बाली (बल्ली), कुंडल, तुगल (बुजनी), गोख (गाखर), जलकछव, मछली। कर्णफूल: इसे जोहार क्षेत्र में 'झुपझुपी' भी कहा जाता है। झुमके (उतरो / उतराइयाँ): ऊपरी कान में पहने जाने वाले झुमके। ग) नाक के आभूषण नथ (नथिया / बेसर): नाक का बड़ा आभूषण। बुलाक (बिसार): नाक के बीच के हिस्से में पहना जाने वाला। फूली (लौंग), बीरा (बीड़), श्रृंगारपूरी। अंतर ध्यान रखें: केवल 'बीरा' आए तो नाक का आभूषण; 'बीराबाली' आए तो सिर/माथे का। घ) गले के आभूषण गुलबंद (गलबंद): कुमाऊँ क्षेत्र में इसे 'रामनवमी' भी कहा जाता है। हसूली (खुगा / खोंग / सतुवा / सूत): बच्चों एवं महिलाओं का चांदी का आभूषण। हमेल: ...

उत्तराखंड की प्रमुख घाटियाँ (Valleys)

  घाटियाँ (Valleys) चमोली जनपद की घाटियाँ फूलों की घाटी: बद्रीनाथ-हेमकुंड।  नीती घाटी: बद्रीनाथ क्षेत्र। माणा घाटी: बद्रीनाथ के पास। ऊर्गम घाटी: जोशीमठ-चमोली। निजमुल्ला घाटी: गोपेश्वर। हापला घाटी: गोपेश्वर।   पाणा-इराणी घाटी: चमोली।  चेनाप घाटी: जोशीमठ के पास (नयी धाडी)। पिंडर घाटी: ग्वालदम-कर्णप्रयाग (चमोली-बागेश्वर सीमा)। उत्तरकाशी जनपद की घाटियाँ हरकीदून: हरकीदून , उत्तरकाशी। भैरों घाटी: गंगोत्री के समीप। वरूणा घाटी: उत्तरकाशी। रवाई मण्डल: उत्तरकाशी (यमुना घाटी)। राडी घाटी: राडीटॉप - धरासू। रुद्रप्रयाग जनपद की घाटियाँ स्कन्द घाटी: अगस्त्यमुनि। केदार घाटी: केदारनाथ - गौरीकुंड। मद्द्महेश्वर घाटी: ऊखीमठ। टिहरी एवं देहरादून की घाटियाँ भिलंगना घाटी: बूढ़ाकेदार (टिहरी)। हेवल घाटी: चम्बा (टिहरी)। बांदल घाटी: जौनपुर (टिहरी)। दून घाटी: देहरादून-मसूरी। टॉस घाटी: चकराता-जौनसार / मोरी-त्यूणी। पौड़ी एवं अन्य घाटियाँ नयार घाटी: सतपुली (पौड़ी)। गगवाड़स्यूँ घाटी: पौड़ी। पैनो घाटी: रिखणीखाल-कोटद्वार (पौड़ी)। तोता घाटी: ऋषिकेश-देवप्रयाग मार्ग पर। ब्यास...