उत्तराखंड में कृषि के प्रकार एवं भूमि उपयोग Notes
उत्तराखंड में कृषि के प्रकार एवं भूमि उपयोग कृषि के प्रमुख प्रकार समोच्च खेती ( Contour Farming): इसे कण्टूर फार्मिंग भी कहते हैं , यह कम नमी वाली भूमि पर की जाती है। सीढीदार खेती: अधिक ढालू भूमि पर आढ़ी जुताई करके की जाती है। पर्वतीय क्षेत्रों में 15% तक ढाल वाली भूमि को खेती योग्य बनाया जा सकता है। झूमिंग खेती (स्थानान्तरीय कृषि): वनों को साफ कर कृषि भूमि बनाना और उर्वरता रहने तक खेती करना। यह भारत के पूर्वोत्तर और उत्तराखंड की कुछ जनजातियों में प्रचलित है। भूमि उपयोग सांख्यिकी (जनपद वार) विवरण सर्वाधिक ( Max) सबसे कम ( Min) शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल ऊधम सिंह नगर चम्पावत ऊसर (बंजर) भूमि चमोली नैनीताल परती भूमि ( Fallow Land) पौड़ी रुद्रप्रयाग चारागाह भूमि चमोली - पशुपालन एवं कृषि विकास योजनाएं प्रमुख संस्थान एवं स्थापना उत्तराखंड स्टेट सीड सर्टिफिकेशन अभिकरण: 14 मार्...