संदेश

उत्तराखंड गौरव सम्मान - 2025

  उत्तराखंड गौरव सम्मान - 2025 श्रेणी नाम क्षेत्र/पहचान जीवित जसपाल राणा निशानेबाजी (पद्मश्री विजेता) जीवित देव रतूड़ी उद्यमी एवं अभिनेता मरणोपरांत गौरा देवी पर्यावरण (चिपको आंदोलन की जननी) मरणोपरांत तीलू रौतेली वीरांगना (गढ़वाल की लक्ष्मीबाई) मरणोपरांत शैलेश मटियानी हिंदी साहित्यकार/लेखक मरणोपरांत टॉम ऑल्टर अभिनय एवं लेखन मरणोपरांत सुशीला बलूनी राज्य आंदोलनकारी मरणोपरांत खड़ग सिंह वल्दिया भूवैज्ञानिक (Geologist)

उत्तराखंड: प्रत्येक जिले के 2 उत्पाद

  उत्तराखंड: प्रत्येक जिले के 2 उत्पाद जिला उत्पाद अल्मोड़ा अल्मोड़ा का ट्वीड (एक प्रकार का कपड़ा) और बाल मिठाई (भुने चने से बनी प्रसिद्ध मिठाई) बागेश्वर पीतल के हस्तशिल्प और बागेश्वर के बाज़ार बिस्कुट चंपावत हस्तशिल्प और लोहे से बने उत्पाद चमोली करघे और शिल्प, सुगंधित तेल देहरादून बेकरी उत्पाद, मशरूम हरिद्वार गुड़ और शहद से बनी चीजें नैनीताल एपेन क्राफ्ट, कैंडल क्राफ्ट पिथौरागढ़ ऊनी उत्पाद, मुनस्यारी राजमा पौड़ी हर्बल उत्पाद, लकड़ी के फर्नीचर रुद्रप्रयाग मंदिर के हस्तशिल्प, प्रसाद उत्पाद टिहरी प्राकृतिक फाइबर उत्पाद, टिहरी नथ उधम सिंह नगर पुदीना तेल, मूंज ग्रास प्रोडक्ट उत्तरकाशी ऊन शिल्प, सेब उत्पाद

उत्तराखंड के विशेष गांव (Special Villages of Uttarakhand)

उत्तराखंड के विशेष गांव (Special Villages of Uttarakhand) कॉर्न विलेज (मक्का गांव): सेजी गांव, टिहरी गढ़वाल। लेखक गांव: थानो डोईवाला, देहरादून। सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव (देश का): सरमोली गांव, पिथौरागढ़।   हर्बल विलेज ऑफ उत्तराखंड: घस गांव, चमोली। मशरूम उत्पादक गांव: आदि बद्री, थापली खेती। संस्कृत ग्राम: भोगपुर गांव, डोईवाला, देहरादून। बुरास उद्यान: मुनस्यारी, पिथौरागढ़। गोट वैली ऑफ उत्तराखंड: कालसी, देहरादून। हस्तशिल्प और वाइब्रेंट गांव: बाणा गांव। एरोमा विलेज ऑफ उत्तराखंड: धार पयांगकोटी, टिहरी गढ़वाल। फिट इंडिया गांव: सरकोट गांव, चमोली। पनीर गांव: रोतू की बेली, टिहरी। साहसिक पर्यटन गांव: जखोल, उत्तरकाशी। वाइब्रेंट विलेज: हरसिल (उत्तरकाशी) और गुंजी (पिथौरागढ़)। कृषि पर्यटन गांव: सूपी गांव, बागेश्वर।